उत्तराखंड के चमोली जिले का दुर्गम घेस गांव नई दिल्ली स्थित अपोलो अस्पताल से जुड़ गया है। रविवार को नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि अस्पताल के डॉक्टरों के लिए निशुल्क हॉस्टल और यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
नई दिल्ली अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में स्वामी विवेकानंद हेल्थ मिशन सोसाइटी की ओर से आयोजित ‘देवभूमि: चिकित्सा सेवा के सात वर्ष’ कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि प्रदेश में टेलीरेडियोलॉजी और टेलीमेडिसिन सुविधा शुरू की गई है। इसी के तहत दुर्गम क्षेत्र के लोगों को बेहतरीन इलाज उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि मिशन सोसाइटी लगातार सात वर्ष से केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमुनोत्री एवं अन्य दूरस्थ जगहों में अपनी चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करा रही है।
नई दिल्ली अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में स्वामी विवेकानंद हेल्थ मिशन सोसाइटी की ओर से आयोजित ‘देवभूमि: चिकित्सा सेवा के सात वर्ष’ कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि प्रदेश में टेलीरेडियोलॉजी और टेलीमेडिसिन सुविधा शुरू की गई है। इसी के तहत दुर्गम क्षेत्र के लोगों को बेहतरीन इलाज उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि मिशन सोसाइटी लगातार सात वर्ष से केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमुनोत्री एवं अन्य दूरस्थ जगहों में अपनी चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करा रही है।
प्रदेश में 1087 से बढ़कर 2100 हुए डॉक्टर
इस दौरान उन्होंने मिशन में सराहनीय योगदान के लिए एम्स ऋषिकेश को पुरस्कृत किया और देवभूमि: चिकित्सा सेवा के सात वर्ष पुस्तक का विमोचन किया। कार्यक्रम में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ.हर्ष वर्धन, राज्यपाल बेबी रानी मौर्य, विजय कौशल महाराज, माता मंगला सह सरकार्यवाह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ डॉ.कृष्ण गोपाल, सह सरकार्यवाह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सुरेश सोनी आदि मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में तीन साल पहले सरकारी डॉक्टरों की संख्या 1087 थी, जो अब बढ़कर 2100 हो गई है। वहीं देहरादून से गौचर तक हेली सेवाएं शुरू की गई हैं। इससे देहरादून से गौचर 40 मिनट में पहुंचा जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में तीन साल पहले सरकारी डॉक्टरों की संख्या 1087 थी, जो अब बढ़कर 2100 हो गई है। वहीं देहरादून से गौचर तक हेली सेवाएं शुरू की गई हैं। इससे देहरादून से गौचर 40 मिनट में पहुंचा जा सकता है।